हल्दीराम: इंडियन स्नैक्स और फास्ट फूड में एक भरोसेमंद नाम
हल्दीराम एक इंटरनेशनल फूड ब्रांड है जिसने अपने पारंपरिक इंडियन स्नैक्स और क्विक मील्स के लिए बहुत नाम कमाया है। यह सफर 1937 में राजस्थान के बीकानेर में शुरू हुआ जब गंगा बिशन अग्रवाल ने एक छोटी नमकीन की दुकान (स्वादिष्ट स्नैक्स) शुरू की। उनकी खास भुजिया, बेसन और मसालों से बना क्रंची स्नैक बहुत तेजी से कस्टमर्स की पसंद बन गई।
समय के साथ, हल्दीराम सिर्फ एक छोटी स्थानीय दुकान से बढ़कर एक बड़ी फूड कंपनी बन गई जो न सिर्फ पूरे भारत में बल्कि कई देशों में भी केटरिंग करती है। इसका स्वाद एक जैसा रहता है; प्रोडक्ट रेंज बड़ी है, और मार्केट में इसकी अच्छी पकड़ है। यही वो चीजें हैं जो लोगों को इस ब्रांड के बारे में पसंद हैं।
अगर आप देश की तेजी से बढ़ती फूड और बेवरेज इंडस्ट्री में हाथ आजमाने के बारे में सोच रहे हैं, तो 2026 में हल्दीराम की फ्रैंचाइज़िंग के लिए ओपनिंग करना आपका सबसे अच्छा समझदारी भरा और फायदेमंद फैसला हो सकता है।
हल्दीराम की फ्रेंचाइजी कैसे ले? | Haldiram Ki Franchise Kaise Le?

हल्दीराम अपनी मुंह में पानी लाने वाली मिठाइयों और नमकीन चीज़ों के लिए इंडियन फ़ूड और स्नैक्स इंडस्ट्री में बहुत लोकप्रिय और भरोसेमंद ब्रांड नामों में से एक है। अगर आप एक उद्यमी बनना चाहते हैं, तो हल्दीराम की फ़्रैंचाइज़ी में निवेश करना एक सफल बिज़नेस करने का सबसे अच्छा मौका है।
यह ब्रांड भारत के अंदर और बाहर बहुत मशहूर है। अगर कोई रेस्टोरेंट, फ़ास्ट फ़ूड कॉर्नर, या सिर्फ़ एक छोटा सा कियोस्क शुरू करना चाहता है, तो हर निवेश क्षमता और बिज़नेस लक्ष के लिए, हल्दीराम के पास उनके लिए मिलते-जुलते फ़्रैंचाइज़ी ऑप्शन मौजूद हैं।
हल्दीराम क्या हैं?
हल्दीराम ने लगातार ग्रोथ देखी है, जिसका मतलब है कि पूरे भारत के साथ-साथ भारत के बाहर भी कई मैन्युफैक्चरिंग यूनिट और रिटेल आउटलेट खोले हैं। इसलिए आज यह ब्रांड न सिर्फ़ भारतीय घरों में अच्छी-खासी मौजूदगी रखता है, बल्कि दुनिया भर में भी एक जाना-माना नाम बन गया है, जिसके प्रोडक्ट USA, UK, ऑस्ट्रेलिया और UAE जैसे 80 से ज़्यादा देशों में पहुँच रहे हैं।
ब्रांड की सफलता इसके प्रोडक्ट्स की बड़ी रेंज से आती है, जिसमें रेडी-टू-ईट मील्स, वेस्टर्न-स्टाइल स्नैक्स, नमकीन (नमकीन ट्रीट), और पारंपरिक भारतीय मिठाइयाँ शामिल हैं।
₹400 करोड़ से ज़्यादा के सालाना टर्नओवर के साथ, हल्दीराम अब भारत की सबसे बड़ी और सबसे सफल स्नैक कंपनियों में से एक मानी जाती है।
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी क्यों चुनें?
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी चुनने के कई कारण हैं, जो इसे फ़ूड इंडस्ट्री में बिज़नेस शुरू करने वाले किसी भी व्यक्ति के लिए एक बहुत ही समझदारी भरा फ़ैसला बनाता है:
- बेहतर ब्रांडिंग: हल्दीराम का नाम भारत में सबसे भरोसेमंद नामों में से एक है। जब आपकी अच्छी प्रतिष्ठा और लॉयल कस्टमर होते हैं, तो इसका मतलब है कि आपको ग्राहक ढूंढने और बनाए रखने में ज़्यादा मुश्किल नहीं होगी।
- प्रोडक्ट्स की वैरायटी: कुरकुरे नमकीन से लेकर रसीली मिठाइयों तक, हल्दीराम एक बड़ी और गहरी मेन्यू लाइन देता है। यह फ्रैंचाइज़ी को सेल्स के मौके बढ़ाने के लिए प्रोडक्ट लाइन के अलग-अलग आइटम तक पहुँचने में मदद करता है।
- मार्केट में तेज़ी से बढ़ती डिमांड: सहूलियत के हिसाब से फ़ूड और पैकेज्ड स्नैक फ़ूड की कुल मिलाकर बढ़ती डिमांड सिर्फ़ भारत में ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया में बढ़ रही है, जिससे हल्दीराम जैसे ब्रांड में निवेश इन्वेस्टमेंट का समय एकदम सही है।
- पूरा सपोर्ट और ट्रेनिंग: हल्दीराम अपने सभी फ़्रैंचाइज़ पार्टनर को पूरी ट्रेनिंग और लगातार ऑपरेशनल सपोर्ट देता है ताकि आप बिज़नेस को आसानी और कामयाबी से चलाने के लिए पूरी तरह तैयार रहें।
हल्दीराम के फ़्रैंचाइज़ मॉडल के प्रकार
हल्दीराम के फ़्रैंचाइज़ मॉडल के प्रकार हल्दीराम के अलग-अलग फ़्रैंचाइज़ मॉडल हैं जो अलग-अलग बिज़नेस के मकसद और निवेश क्षमता के लिए सही हैं।
हर मॉडल अलग-अलग बिज़नेस लक्ष्य और बजट को पूरा करता है। चाहे आप कियोस्क से छोटी शुरुआत कर रहे हों या फुल-सर्विस रेस्टोरेंट के साथ बड़ा कदम उठा रहे हों, हल्दीराम आपके विज़न और निवेश क्षमता से मैच करने के लिए लचिला विकल्प देता है।
अगर आप हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी में निवेश करने का प्लान बना रहे हैं, तो यहां मौजूद अलग-अलग मॉडल्स पर एक नज़र डालें, साथ ही जगह की ज़रूरतों और अनुमानित निवेश के बारे में भी जानें:
1. कियोस्क फ़्रैंचाइज़ी (Kiosk Franchise)
| ज़रूरी जगह | 150–200 वर्ग फुट |
| लगभग निवेश | लगभग ₹50 लाख |
| ज़रूरी कर्मचारी | 2 से 3 वर्कर |
| मेन्यू | नमकीन, मिठाई, ड्रिंक्स और दूसरे हल्के स्नैक्स जैसे ग्रैब-एंड-गो प्रोडक्ट पर फोकस |
| सबसे अच्छी जगहें | मॉल, ट्रांसपोर्ट हब और भीड़-भाड़ वाली पब्लिक जगहों पर |
कियोस्क फ़्रैंचाइज़ी एक कियोस्क सेटअप एक छोटा लेकिन अच्छा सेटअप होता है जो शॉपिंग मॉल, मेट्रो स्टेशन, एयरपोर्ट या रेलवे स्टेशन जैसी ज़्यादा भीड़ वाली जगहों पर होता है। अगर आप अपना पहला बिज़नेस शुरू कर रहे हैं तो यह सेटअप बहुत अच्छा काम करता है; नहीं तो आप इसे कम मेंटेनेंस वाले फ़ूड आउटलेट के लिए रख सकते हैं।
फायदे:
- कम सेटअप और चलाने का खर्च
- छोटे साइज़ की वजह से मैनेज करना आसान
- तेज़ कस्टमर सर्विस और तेज़ी से टर्नओवर
- बढ़िया पहली बार निवेश करने वालों या छोटे लेवल के उद्यमियों के लिए
नुकसान:
- बड़े आउटलेट्स के मुकाबले खाने के कम ऑप्शन
- डाइन-इन कस्टमर्स के लिए कोई जगह नहीं
लाभ की संभावना:
हालांकि महीने का प्रॉफिट फुल-साइज़ रेस्टोरेंट्स के मुकाबले कम हो सकता है, लेकिन कियोस्क से नियमित कमाई होती है और कम ऑपरेशनल खर्च की वजह से अच्छा मार्जिन मिलता है।
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2. क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) फ्रैंचाइज़ी (Quick Service Restaurant)
| ज़रूरी जगह | 1,000–1,500 sq. ft. |
| अनुमानित निवेश | ₹2 से ₹4 करोड़ (लोकेशन और सेटअप के हिसाब से अलग-अलग) |
| मेन्यू | इसमें स्नैक्स, पारंपरिक भारतीय खाना, चाट, ड्रिंक्स, और भी बहुत कुछ शामिल है |
| सही लोकेशन | शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, बिज़ी कमर्शियल एरिया, फ़ूड कोर्ट |
क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) मॉडल शॉपिंग मॉल, मार्केट एरिया और फ़ूड कोर्ट जैसी ज़्यादा ट्रैफिक वाली जगहों के लिए एकदम सही है।
यह सेटअप तेज़ सर्विस के लिए डिज़ाइन किया गया है और मुख्य रूप से टेकअवे और लिमिटेड डाइन-इन कस्टमर्स को सर्विस देता है।
यह उन उद्यमियों के लिए एक बढ़िया विकल्प है जो बड़े मेन्यू के साथ ज़्यादा ग्राहकों को सर्विस देना चाहते हैं।
फ़ायदे:
- बड़ा मेन्यू ज़्यादा और अलग-अलग तरह के ग्राहक बेस को आकर्षित करता है
- कम सीटिंग का ऑप्शन कस्टमर को ज़्यादा देर तक रुकने और ज़्यादा खर्च करने के लिए बढ़ावा देता है
- ज़्यादा आने-जाने वाली जगहों से महीने का अच्छा प्रॉफ़िट हो सकता है
नुकसान:
- कियोस्क के मुकाबले ज़्यादा जगह और ज़्यादा शुरुआती निवेश की ज़रूरत होती है
- बड़े साइज़ और बड़े ऑपरेशन की वजह से मैनेज करना थोड़ा ज़्यादा मुश्किल है
प्रॉफ़िट की संभावना:
बड़े मेन्यू और ज़्यादा कस्टमर वॉल्यूम की वजह से, QSR आउटलेट आम तौर पर हर महीने ज़्यादा लाभ कमाते हैं, खासकर व्यस्त, अच्छी तरह से चुनी गई जगहों पर
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3. कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट फ्रैंचाइज़ी
| ज़रूरी जगह | 4,000–5,000 sq. ft. |
| अनुमानित निवेश | ₹3 से ₹6 करोड़ |
| मेन्यू | पूरी रेंज—ऐपेटाइज़र, मेन कोर्स, डेज़र्ट, ड्रिंक्स, और पारंपरिक भारतीय खाना |
| सही जगहें | हाई-एंड कमर्शियल ज़ोन, मशहूर डाइनिंग जगहें, या मेट्रो शहरों में अलग जगहें |
कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट मॉडल फुल-सर्विस डाइनिंग अनुभव देता है, जो परिवारों, ग्रुप्स और त्योहारों के लिए बहुत अच्छा है।
ये आउटलेट बड़े होते हैं, प्राइम कमर्शियल एरिया में होते हैं, और ये हल्दीराम का पूरा मेन्यू सर्व करते हैं, जिसमें स्नैक्स से लेकर पूरे इंडियन खाने तक शामिल होते हैं।
फायदे:
- प्रीमियम डाइनिंग अनुभव ज़्यादा खर्च करने वाले कस्टमर को आकर्षित करता है
- सबसे बड़ा मेन्यू बड़े कस्टमर बेस को पसंद आता है
- फ़ैमिली मील, सेलिब्रेशन और त्योहारों में डाइनिंग होस्ट करने के लिए सही
नुकसान:
- ज़्यादा जगह और ज़्यादा कैपिटल निवेश की ज़रूरत होती है
- फ़ुल-सर्विस ऑपरेशन को मैनेज करने के लिए अनुभवी स्टाफ़ और ऑपरेशनल एक्सपर्टीज़ की ज़रूरत होती है
प्रॉफ़िट की संभावना:
हालांकि शुरू में ज़्यादा निवेश होता है, लेकिन यह मॉडल लंबे समय में अच्छा प्रॉफ़िट देता है, खासकर जब यह व्यस्त शहरी इलाकों में हो। बड़ा मेन्यू और प्रीमियम सर्विस इसे ज़्यादा रेवेन्यू वाला ऑप्शन बनाते हैं।
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी का प्रॉफ़िट मार्जिन और निवेश पर रिटर्न (ROI)
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी का मालिक होना एक फ़ायदेमंद बिज़नेस का मौका हो सकता है, जो हर महीने अच्छा लाभ और अच्छा मार्जिन देता है। असल कमाई आउटलेट के प्रकार, स्थान और ऑपरेशनल क्षमता के आधार पर अलग-अलग हो सकती है।
फ्रैंचाइज़ी मॉडल के हिसाब से अनुमानित प्रॉफ़िट मार्जिन:
फ्रैंचाइज़ी मॉडल अनुमानित प्रॉफ़िट मार्जिन
| कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट | 15–25% |
| क्विक सर्विस रेस्टोरेंट | 15–20% |
| कियोस्क | 10–15% |
औसत महीने का लाभ:
| कियोस्क | ₹5–10 लाख |
| क्विक सर्विस रेस्टोरेंट (QSR) | ₹15–25 लाख |
| कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट | ₹20–30 लाख |
जबकि कियोस्क जैसे छोटे फ़ॉर्मेट में कम निवेश की ज़रूरत होती है, QSR और कैज़ुअल डाइनिंग आउटलेट जैसे बड़े फ़ॉर्मेट में बड़े मेन्यू, डाइन-इन सर्विस और ज़्यादा लोगों के आने की वजह से महीने का ज़्यादा लाभ होता है।
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हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी के फ़ायदे
- ब्रांड वैल्यू: एक ऐसे ब्रांड के साथ पार्टनरशिप करना जो न सिर्फ़ भारत में बल्कि पूरी दुनिया में भरोसेमंद और पसंद किया जाने वाला हो। ऐसे बिज़नेस में निवेश करना हमेशा बेहतर होता है जिसकी कई सालों से अच्छी प्रतिष्ठा हो।
- प्रोडक्ट की बड़ी वैरायटी: एक फ्रैंचाइज़ी को मिठाई, स्नैक्स, मील्स, बेवरेज वगैरह जैसी अलग-अलग कैटेगरी में कई तरह के खाने के आइटम बेचने को मिलते हैं। हल्दीराम के मेन्यू में स्नैक्स, मिठाई और स्ट्रीट फ़ूड से लेकर कैज़ुअल तक सब कुछ है।
- पूरी स्टाफ़ ट्रेनिंग: फ़्रैंचाइज़ी स्टाफ़ को ज़रूरत के हिसाब से प्रोडक्ट, सर्विस और ऑपरेशन पर पूरी ट्रेनिंग दी जाती है। इससे टीमों की क्षमता बढ़ती है ताकि वे आपके कस्टमर को बेहतरीन सर्विस देने के लिए तैयार रहें।
- लगातार सपोर्ट: हल्दीराम मार्केटिंग, एडवरटाइज़िंग, टेक्निकल सपोर्ट और स्टाफ़ ट्रेनिंग जैसे एरिया में लगातार मदद देता है। यह मज़बूत सपोर्ट फ़्रैंचाइज़ी को अपना बिज़नेस आसानी से और कॉन्फिडेंस के साथ बढ़ाने में मदद करता है।
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी कैसे शुरू करें: स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
अगर आप भारत में हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी लेना चाहते हैं, तो इसे शुरू करने के लिए एक आसान प्रोसेस है जिसे फॉलो करना होगा, जैसा कि बताया गया है:
1. रिसर्च और तैयारी
- ब्रांड को जानें: ब्रांड, प्रोडक्ट्स और उपलब्ध फ्रैंचाइज़ी मॉडल्स के बारे में रिसर्च करें, जिसमें कियोस्क, क्विक सर्विस रेस्टोरेंट्स (QSR), कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट्स शामिल हो सकते हैं।
- मार्केट रिसर्च: आपको अपने चुने हुए स्थान में फूड मार्केट को देखना चाहिए; ताकि आप अपने प्रतियोगियों, ग्राहकों के स्वाद और पसंद को समझ सकें, और हल्दीराम के ऐसे प्रोडक्ट्स के लिए क्या संभावना होगी।
- फाइनेंशियल प्लानिंग: अपने फाइनेंस का बहुत अच्छे से समीक्षा करें। पक्का करें कि आपके पास चुने हुए फ्रेंचाइज़िंग मॉडल में पहले निवेश को कवर करने के लिए काफी फंड मौजूद हों।
2. शुरुआती पूछताछ
- वेबसाइट पर जाएं: आप हल्दीराम की ऑफिशियल वेबसाइट पर फ्रेंचाइज़ सेक्शन देख सकते हैं।
- कॉन्टैक्ट: यह फ्रेंचाइज़ टीम से ईमेल या फोन पर संपर्क करके किया जा सकता है।
- दिलचस्पी दिखाएं: ज़्यादा जानकारी के लिए लिखकर दिलचस्पी दिखाएं या किसी और तरीके से दिलचस्पी दिखाएं।
3. एप्लीकेशन और मूल्यांकन
- एप्लीकेशन फॉर्म: अगर आपकी पूछताछ मंज़ूर हो जाती है, तो आपको एक पूरा एप्लीकेशन फॉर्म मिलेगा।
- इसे भरें: कृपया फॉर्म में अपना नाम, बिज़नेस बैकग्राउंड, फाइनेंशियल डिटेल्स, पसंदीदा लोकेशन, बिज़नेस प्लान, रेफरेंस भरें।
- डॉक्यूमेंट जमा करें: सभी ज़रूरी डॉक्यूमेंट जमा करें जैसे ID प्रूफ, फाइनेंशियल स्टेटमेंट, बिज़नेस सर्टिफिकेट।
- मूल्यांकन: आपका आवेदन स्वीकृत करने से पहले वे आपके फाइनेंस, अनुभव, स्थान और उनकी फीज के साथ फिट होने की जांच करेंगे।
4. सिलेक्शन और एग्रीमेंट
- इंटरव्यू: अगर आपकी एप्लीकेशन अच्छी लगती है, तो आपको इंटरव्यू या डिस्कशन (खुद या ऑनलाइन) के लिए इनवाइट किया जा सकता है। अपने प्लान और लोकेशन के बारे में बात करने के लिए तैयार रहें।
- फ्रैंचाइज़ी एग्रीमेंट: अगर दोनों पक्ष सहमत हैं, तो आपको फ्रैंचाइज़ी कॉन्ट्रैक्ट मिलेगा। साइन करने से पहले इसे ध्यान से पढ़ें।
5. ट्रेनिंग और लॉन्च
- ट्रेनिंग: हल्दीराम के डिटेल्ड ट्रेनिंग प्रोग्राम में शामिल हों जिसमें ऑपरेशन, प्रोडक्ट, मार्केटिंग और सर्विस स्टैंडर्ड शामिल हैं।
- सेटअप: अपने स्टोर की लोकेशन, लेआउट, सप्लाई और रोज़ाना के ऑपरेशन को फाइनल करने के लिए हल्दीराम की टीम के साथ काम करें।
- अपना स्टोर खोलें: कंपनी के लगातार सपोर्ट के साथ अपनी फ्रैंचाइज़ी लॉन्च करें, जिसमें मार्केटिंग हेल्प और रेगुलर अपडेट शामिल हैं।
अपनी हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी शुरू करने के लिए और टिप्स
- प्रोएक्टिव रहें: अपनी एप्लीकेशन पर रिसर्च करें, इसे तैयार करने में सावधानी बरतें और रेगुलर फॉलो-अप करें। इस तरह वे ज़्यादा तेज़ी से आगे बढ़ते हैं।
- एक्सपर्ट की मदद लें: किसी फ्रैंचाइज़ी एक्सपर्ट/एडवाइजर से सलाह लें; इससे किसी भी मामले में आपकी सफलता की संभावना बढ़ जाती है।
- नियमों का पालन करें: पक्का करें कि भारत में फ़ूड फ्रैंचाइज़ी चलाने के लिए ज़रूरी कानूनी और फ़ूड सेफ़्टी नियमों का पूरी तरह पालन हो और वे समझे जाएं।
- ब्रांड स्टैंडर्ड बनाए रखें: हल्दीराम की क्वालिटी और वैल्यू हमेशा बनाए रखनी चाहिए ताकि कस्टमर खुश रहें और एक मज़बूत और लंबे समय तक चलने वाला बिज़नेस बन सके।
हल्दीराम की फ्रैंचाइज़ी के मालिक होने के लिए पात्रता मापदंड
- पूरा ऑपरेशनल कौशल: व्यक्ति में रोज़ाना कियोस्क चलाने और चलाने की क्षमता होनी चाहिए।
- अनुभव: फ़ूड और बेवरेज के क्षेत्र में पहले का अनुभव एक अतिरिक्त फ़ायदा होगा, लेकिन यह ज़रूरी नहीं है।
- निवेश: आपको किसी भी कियोस्क मॉडल में अच्छा पैसा निवेश करना होगा, चाहे वह छोटा कियोस्क हो या फुल साइज़ कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट मॉडल।
- उम्र और पढ़ाई: आपकी उम्र कम से कम 21 साल होनी चाहिए और आपने 12वीं पास कर ली हो।
- कस्टमर-सेंट्रिक: कस्टमर्स को खुश रखने और बदलते मार्केट की ज़रूरतों के हिसाब से लचिले रहने की पक्की सोच।
हल्दीराम के फैक्ट्स और अचीवमेंट्स
- मॉडर्न भुजिया बनाई: हल्दीराम ने लोकप्रिय स्नैक को बेसन के बजाय मोठ दाल से बनाया, और सबको पसंद आने वाली बढ़िया और क्रिस्पी भुजिया बनाई।
- नमकीन में लीडर: भारत में नमकीन के 60% से ज़्यादा ब्रांडेड मार्केट शेयर के साथ, हल्दीराम नमकीन स्नैक्स के लिए बिना किसी शक के पसंदीदा है।
- ग्लोबल रीच: प्रोडक्ट्स 80 से ज़्यादा देशों में बेचे जाते हैं जहाँ भारतीय कम्युनिटी या अच्छे स्नैक्स के शौकीन लोग रहते हैं।
- भरोसेमंद ब्रांड: 2024 में भारत के सबसे भरोसेमंद ब्रांड्स की लिस्ट में हल्दीराम 30वें नंबर पर आया क्योंकि इसने हमेशा क्वालिटी, स्वाद और परंपरा बनाए रखी।͏
- बड़ी प्रोडक्ट रेंज: क्लासिक मिठाइयों और नमकीन से लेकर रेडी-टू-ईट मील्स और फ्रोजन स्नैक्स तक, हल्दीराम के पास हर स्वाद और सुविधा की ज़रूरत के लिए कुछ न कुछ है।
- बड़ा रेस्टोरेंट नेटवर्क: पूरे भारत में 800 से ज़्यादा आउटलेट्स अपने कस्टमर्स को क्विक-सर्विस, कैज़ुअल डाइनिंग और फ़ाइन डाइनिंग रेस्टोरेंट्स के ज़रिए सर्विस देते हैं।
अंतिम शब्द:
यह हल्दीराम के जाने-माने ब्रांड, बड़ी प्रोडक्ट रेंज और अच्छी इनकम के साथ लगातार बढ़ते फूड और स्नैक मार्केट में उतरने का सबसे अच्छा तरीका है; इसलिए, यह उन लोगों के लिए एक अच्छा निवेश है जो बिज़नेस में बड़ा मुकाम हासिल करना चाहते हैं।
चाहे आप कियोस्क, क्विक-सर्विस रेस्टोरेंट या कैजुअल डाइनिंग आउटलेट चुनें, हल्दीराम फ्रैंचाइज़ी को आसानी से चलाने और समय के साथ इसका ज़्यादा से ज़्यादा फ़ायदा उठाने के लिए सभी ज़रूरी ट्रेनिंग और सपोर्ट देगा।
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अक्सर पूछे जाने वाले सवाल (FAQ)
FAQ on Haldiram Ki Franchise Kaise Le?
1. हल्दीराम में किस तरह की फ्रैंचाइज़ी मिलती हैं?
हल्दीराम के मुख्य रूप से तीन तरह के फ्रैंचाइज़ी मॉडल उपलब्ध हैं, यानी, कियोस्क (जल्दी स्नैक्स के लिए छोटी जगहें), कम सीटिंग और फास्ट सर्विस वाले क्विक सर्विस रेस्टोरेंट, कैजुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट जिसमें पूरा डाइनिंग एक्सपीरियंस मिलता है।
2. हल्दीराम फ्रैंचाइज़ी शुरू करने में कितना खर्च आता है?
निवेश फ्रैंचाइज़ी टाइप के हिसाब से अलग-अलग होता है: कियोस्क के लिए आम तौर पर लगभग ₹50 लाख, QSR के लिए ₹2 से ₹4 करोड़ और कैज़ुअल डाइनिंग आउटलेट के लिए लोकेशन और साइज़ के हिसाब से ₹3 से ₹6 करोड़ की ज़रूरत हो सकती है।
3. क्या मुझे फ्रैंचाइज़ी खोलने के लिए फ़ूड बिज़नेस में पहले का अनुभव होना चाहिए?
हालांकि फ़ूड और बेवरेज में अनुभव मददगार हो सकता है, लेकिन यह ज़रूरी नहीं है। हल्दीराम आपको ऑपरेशन को अच्छे से मैनेज करने में मदद करने के लिए पूरी ट्रेनिंग और लगातार सपोर्ट देता है।
4. हल्दीराम फ्रैंचाइज़ी मालिकों को किस तरह का सपोर्ट देता है?
फ्रैंचाइज़ी को शुरुआती ट्रेनिंग, मार्केटिंग सपोर्ट, ऑपरेशनल गाइडेंस और टेक्निकल मदद तक पहुंच सहित पूरी मदद मिलती है। क्वालिटी स्टैंडर्ड बनाए रखने के लिए स्टाफ़ की लगातार ट्रेनिंग भी होती है।
5. मैं कितनी जल्दी प्रॉफ़िट कमाना शुरू कर सकता/सकती हूं?
प्रॉफ़िट की टाइमलाइन लोकेशन, फ्रैंचाइज़ी मॉडल और मैनेजमेंट जैसे फ़ैक्टर पर निर्भर करती है। कियोस्क जैसे छोटे आउटलेट में प्रॉफ़िट कम हो सकता है, लेकिन जल्दी प्रॉफ़िट कमा सकते हैं, जबकि बड़े QSR और कैज़ुअल डाइनिंग रेस्टोरेंट में ज़्यादा समय लग सकता है लेकिन ज़्यादा रिटर्न मिलता है।
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